उत्सव और मेले
केरलीय जीवन की छवि यहाँ मनाये जानेवाले उत्सवों में दिखाई देती है । केरल में अनेक उत्सव मनाये जाते हैं जो सामाजिक मेल-मिलाप और आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं । केरलीय कलाओं का विकास यहाँ मनाये जानेवाले उत्सवों पर आधारित है । इन उत्सवों में कई का संबन्ध देवालयों से है, अर्थात् ये धर्माश्रित हैं तो अन्य कई उत्सव धर्मनिरपेक्ष हैं । ओणम केरल का राज्योत्सव है । यहाँ मनाये जाने वाले प्रमुख हिन्दू त्योहार हैं - विषु, नवरात्रि, दीपावली, शिवरात्रि, तिरुवातिरा आदि । मुसलमान रमज़ान, बकरीद, मुहरम, मिलाद-ए-शरीफ आदि मनाते हैं तो ईसाई क्रिसमस, ईस्टर आदि । इसके अतिरिक्त हिन्दू, मुस्लिम और ईसाइयों के देवालयों में भी विभिन्न प्रकार के उत्सव भी मनाये जाते हैं ।
प्रमुख उत्सव - मेले
अडूर गजमेला, अर्त्तुंकल पेरुन्नाल, आनयूट्टु, आनन्दप्पल्लि मरमडी, आरन्मुला वळ्ळम कळि, आराट्टुपुष़ा पूरम, आट्टुवेला महोत्सवम, आट्टुकाल पोंकाला, उत्राळिक्काव पूरम, एष़रा पोन्नाना एष़ुन्नळ्ळत्त, एडत्वा पेरुन्नाल, ओणम, ओच्चिराकळि, कल्पात्ति रथोत्सवम, कडम्मनिट्टा पडयणि, कुट्टिक्कोल तंपुराट्टि तेय्यम, कोट्टियूर उत्सवम, कोडुंगल्लूर भरणि, कांजिरमुट्टम कोडिकुत्त, कानत्तूर नालवर भूतस्थानम, गुरुवायूर उत्सव, चम्पक्कुळम वळ्ळम कळि, चिनक्कत्तूर पूरम, चेट्टिक्कुलंगरा भरणि, तिरुनक्करा आराट्ट, तैप्पूया महोत्सवम-कूर्क्कंचेरी, तैप्पूया महोत्सवम-हरिप्पाड, तृप्पूणित्तुरा अत्तच्चमयम, तृश्शूर पूरम, पट्टाम्बि नेर्चा, परियानमपट्टा पूरम, परुमला पेरुन्नाल, पायिप्पाड वळ्ळम कळि, पारिप्पळ्ळि गजमेला, पुलिक्कळि, पेरुंत्तिट्टा तरवाड कोट्टमकुष़ि, वळ्ळियूरक्काव उत्सवम्, विषु, वैक्कत्तष्टमी उत्सवम्, नीलंपेरूर पडयणि, नेन्मारा वल्लंगिवेला, नेहरू ट्रॉफी वळ्ळम कळि, मणरकाड पेरुनाल, मलयाट्टूर पेरुनाल, मलनडा केट्टुकाष़्च, मच्चाट्टु मामांकम आदि ।