क्रीड़ा - जगत्

केरल में क्रीड़ा संस्कार कई शताब्दियाँ पहले रूपायित हुआ था । केरल के क्रीडा जगत के क्षेत्र में लोक क्रीडाएँ, आयोधन कलाएँ, आधुनिक क्रीडाएँ सब एक साथ विद्यमान हैं । 'कळरिप्पयट्टु' केरल की प्रान्तीय आयुधन कला है । पहले केरलीय गाँवों में खेल-कूद को विशिष्ट महत्व दिया जाता था किन्तु आधुनिक जीवन शैली तथा आधुनिक खेलों के चलते लोक क्रीडाएँ लुप्त प्राय हो गई हैं । लेकिन आज भी देशी मनोरंजन नौका विहार को महत्व दिया जाता है ।

फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स इत्यादि आधुनिक खेल कूदों में केरल की भारत पर प्रभुता है । भारत की सबसे बडी धावक पी.टी. उषा केरल की सुपुत्री है ।


जलोत्सवआधुनिक खेल कूद
केरल की लोक क्रीड़ाएँ 


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