अंतर्राष्ट्रीय बाल चित्रकला प्रतियोगिता 2018
क्लिंट की स्मृति में
Picture of Edmund Thomas Clint

एडमंड तोमस क्लिंट


एडमंड तोमस क्लिंट, कोची, केरल के श्रीमान एम.टी जोसफ़ और चिन्नम्मा जोसफ़ के इकलौते पुत्र थे | एक लंबी बीमारी की वजह से उनकी किडनी खराब हो गई थी और वह बालक मजह 2522 दिन की जीवित रह पाया। पर उन्होंने कम आयु में ही ड्रॉइंग और पेंटिंग की असाधारण प्रतिभा दिखाई।

क्लिंट ने हर माध्यम का इस्तेमाल किया: चॉक, क्रेयॉन्स, ऑयल पेंट और वाटर कलर की मदद से ड्रॉइंग और पेंटिंग की और अपनी नज़र से दिखने वाली दुनिया को चित्रों में उकेरा। उनके कलेक्शन ने उनकी कलात्मक प्रतिभा की परिपक्वता से कला प्रशंसकों को हैरान कर डाला।

अपने सातवें जन्मदिन से सिर्फ एक महीने पहले वे इस दुनिया से चल बसे और अपने पीछे कला का एक नायाब खजाना छोड़ गए। लोगों की भावनाओं की उन्हें बड़ी गहरी समझ थी और उन्हें उन्हीं प्रबल भावनाओं को चित्रों में उकेरने की प्रेरणा मिलती। अपनी छोटी उम्र के बावजूद, क्लिंट ने वह कला पेश की जिसमें मृत्यु, एकांकीपन और प्रेम जैसे गहरे विषय दिखाई पड़े। एक कलाकार के अलावा, क्लिंट को पढ़ने का भी जबर्दस्त शौक था। वे महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्यों की आकर्षित हुए तो रॉबिंसन क्रूसो जैसी कहानियों ने भी उन्हें खूब लुभाया। उनका मस्तिष्क ने इन कथाओं की हरेक जानकारी को ग्रहण किया और तब वे उनकी कला में भी दिखाई पड़े।

Girls picking flowers
Kathakali
Raavanan
Pooram
Snake Boat
Theyyam
Sunset
Kavadi Festival
Village Temple Festival

क्लिंट के पिता हॉलीवुड के अभिनेता क्लिंट ईस्टवुड, के भारी प्रशंसक थे और उन्होंने अपने बेटे को यही नाम दिया। क्लिंट के निधन के बाद, भारत के प्रसिद्ध डॉक्युमेंट्री फ़िल्म निर्माना शिवकुमार ने इस बाल कलाकार के जीवन और कार्य पर एक डॉक्युमेंट्री फ़िल्म बनाई। इस फ़िल्म को अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोहों में दिखाया गया और क्लिंट ईस्टवुड ने भी इस फ़िल्म को ब्राजील में देखी। अभिनेता बालक क्लिंट की कहानी से इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने सांत्वना के रूप में क्लिंट के माता-पिता को संदेश भेजा क्लिंट के असमय निधन के लिए दुःख प्रकट किया।