तम्बार | शेख जिफरी की दरगाह - हवाई दृश्य | शेख जिफरी की दरगाह – हॉल


तम्बार

तम्बार

तम्बार एक पारंपरिक ढोल है जो खोखली कटहल की लकड़ी पर जानवर की खाल को फैलाकर बनाया जाता है। केरल के मस्जिद अनुष्ठानों में, विशेष रूप से उत्तरी केरल के मलबार क्षेत्र में, इसका एक पवित्र स्थान है। यह ढोल आमतौर पर त्योहारों, विशेष प्रार्थनाओं और अनुष्ठानिक घोषणाओं के दौरान बजाया जाता है।

शेख जिफरी की दरगाह - हवाई दृश्य

शेख जिफरी की दरगाह - हवाई दृश्य

शेख जिफरी की दरगाह का हवाई दृश्य नारियल के पेड़ों से घिरी इसकी पारंपरिक टाइलों वाली छतों वाली संरचनाओं को दर्शाता है। यह डिज़ाइन केरल की क्षेत्रीय स्थापत्य शैली को दर्शाता है। यह दरगाह हद्रामी सूफी संत को समर्पित है और तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती रहती है। पर्यटक आध्यात्मिक उपचार और सामाजिक सुधार की इसकी विरासत का सम्मान करने आते हैं।

शेख जिफरी की दरगाह – हॉल

शेख जिफरी की दरगाह – हॉल

शेख जिफरी की दरगाह का बैठक कक्ष एक शांत और ऐतिहासिक आकर्षण समेटे हुए है। यहाँ श्रद्धालु इस पूज्य सूफी संत की स्मृति में श्रद्धा सुमन अर्पित करने आते हैं। यह स्थान एक दरगाह से कहीं बढ़कर है - यह संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र है। यह मलबार में संत के आतिथ्य और सर्वधर्म सद्भाव के संदेश को आज भी कायम रखता है।

फोटो गैलरी

फोटो गैलरी

वीडियो गैलरी

वीडियो गैलरी