कोट्टयम के चंगनाश्शेरी में स्थित 950 साल पुरानी पष़यपल्ली मस्जिद, मध्य त्रावणकोर (तिरुवितांकूर) में उपासना का एक प्रतिष्ठित केंद्र है। तन्गल अडियन्तिरम उत्सव और भव्य सामुदायिक बिरयानी भोज के लिए प्रसिद्ध इस मस्जिद में तन्गलों की मकबरे भी हैं।
मलप्पुरम के कोण्डोट्टी में स्थित, पष़यन्गाडी मस्जिद केरल में इस्लामी भक्ति और मुगल-प्रभावित वास्तुकला का सदियों पुराना प्रतीक है। 500 साल से भी पहले निर्मित, इसे सूफी संत कोण्डोट्टी तन्गल की समाधि स्थली के रूप में सम्मानित किया जाता है। इस मस्जिद का अनूठा डिज़ाइन केरल की पारंपरिक शिल्पकला और मुगल स्थापत्य कला के तत्वों का मिश्रण दर्शाता है।
मलप्पुरम के कोण्डोट्टी में स्थित पष़यन्गाडी मस्जिद 500 साल पुराना एक मुस्लिम तीर्थस्थल है। यह अपनी मुगल-प्रेरित वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मस्जिद का प्रतिष्ठित सफ़ेद गुंबद और ऐतिहासिक आकर्षण वलिया नेरचा उत्सव के दौरान विशेष रूप से निखर कर आता है। हर फरवरी या मार्च में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय जीवंत उत्सव हज़ारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।