'नमाज़', जिसे 'निस्कारम' भी कहा जाता है, सभी धर्मावलंबियों द्वारा दिन में पाँच बार की जाने वाली एक धार्मिक इस्लामी प्रार्थना है। इसे इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक माना जाता है और प्रत्येक अनुयायी का एक मौलिक कर्तव्य है।
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