केरल, हरे-भरे पेड़-पौधों, शांत जल क्षेत्रों, और धुंध से ढंके पहाड़ों वाली धरती है जिसे देखकर आँखों को बड़ा सुकून मिलता है और एडवेंचर की तलाश में रहने वालों के लिए यह एक जीता-जागता खेल का मैदान है। केरल में आने वाले हर तरह के यात्रियों के लिए यहाँ कुछ न कुछ जरूर है जैसे यहाँ शानदार पश्चिमी घाट क्षेत्रों में ट्रेकिंग, गरजती नदियों में वाटर राफ्टिंग, शानदार घाटियों के ऊपर पैराग्लाइडिंग, और यहाँ के जंगलों में छिपे झरनों का आनंद लिया जा सकता है। यहाँ की सुन्दर प्रकृति का आनंद उठाएं, इसकी ताज़ी हवाओं में सांस लें, और यहाँ के हर साहसिक गतिविधियाँ में शामिल होकर अपने दिल में न भूलने योग्य यादें संजोएं।
केरल के जलमार्गों, समुद्रतटों, और शांत जल क्षेत्रों में ऊर्जा से भर देने वाले पानी से जुड़े खेलों का आनंद लें। चाहे पैडलिंग का आनंद लेना हो या शानदार राइड्स का मज़ा उठाना हो, यहाँ हर वॉटर स्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए कुछ न कुछ जरूर है।
अपने एडवेंचर को आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाएं और उसके रोमांच को महसूस करें। केरल की शानदार स्थलाकृतियों और तट रेखाओं के ऊपर उड़ान भरें, और आज़ादी और उत्साह की लहर के साथ इन शानदार नज़ारों का आनंद लें।
हाईवे अलर्ट नंबर: 9846 100 100 (हाईवे पर यात्रा करते समय मदद के लिए)
रेलवे अलर्ट नंबर: 9846 200 100 (ट्रेनों में यात्रा करते समय मदद के लिए)
यहाँ की आधिकारिक भाषा मलयालम है, लेकिन फिर भी यहाँ अंग्रेजी भी खूब बोली और समझी जाती है, ख़ास तौर पर पर्यटन क्षेत्रों में।
पुलिस कंट्रोल रूम: 100, 112
फायर स्टेशन: 101
एम्बुलेंस: 102, 108
केरल, ज़िम्मेदार पर्यटन और दीर्घस्थायी यात्रा को खूब बढ़ावा देता है। कचरे को सही स्थान पर फेंकें, प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें, और पर्यावरण अनुकूल अनुभव जैसे बैकवाटर क्रूज़ और निर्देशित वन्यजीव पर्यटन का चयन करके पर्यावरण जागरूक कार्यों में सहयोग करें।
वन्यजीव अभयारण्यों का दौरा करते समय, आपकी सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के द्वारा बताए जाने वाले नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करें।
हवाई मार्ग: यहाँ कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोष़िक्कोड (कालीकट) और कण्णूर (कन्नूर) जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं।
रेल एवं सड़क मार्ग: राज्य, रेलमार्गों और पक्के सड़क मार्गों के माध्यम से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
स्थानीय परिवहन: यहाँ बस, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और किराए की गाड़ियों में आसानी से यात्रा की जा सकती है।
वीज़ा: यहाँ आने के लिए भारतीय ई-वीज़ा की ज़रूरत पड़ती है।
पासपोर्ट: यहाँ पहुँचने के बाद 6 महीने तक वैध रहता है।
सितम्बर से मार्च तक: इस दौरान यहाँ बाहरी साहसिक गतिविधियों के लिए मौसम बहुत बढ़िया रहता है।
जून से अगस्त तक: इस दौरान यहाँ मानसून का मौसम रहता है जिससे हरियाली और पानी से जुड़े रोमांचों का लुत्फ़ उठाया जा सकता है।