सध्या - पारंपरिक शाकाहारी दावत भोज

 
Sadya - the traditional vegetarian feast of Keralites

सध्या में अनेक प्रकार के शाकाहारी व्यंजन शामिल होते हैं। इसमें एक बार में 28 व्यंजन शामिल हो सकते हैं। पारंपरिक रूप से, सध्या को केले के पत्ते पर परोसा जाता है, साथ ही पत्ते के किनारे का भाग मेहमान के बाईं ओर होता है। इसमें भात, उप व्यंजन, नमकीन, अचार और मीठे व्यंजन शामिल होते हैं, जिन्हें भोजन के अलग-अलग समयों पर परोसा जाता है। भात को प्राय: पत्ते के निचले भाग में परोसा जाता है। भात के बाद सबसे पहले परोसा जाने वाला आयटम है परिप्पु, इसके बाद दक्षिण भारतीय लोगों का पसंदीदा सांभर परोसा जाता है। उप व्यंजन, जैसे अवियल, तोरन, कालन और ओलन उतने ही महत्वपूर्ण हैं। मुख्य नमकीन व्यंजनों में शामिल हैं उप्पेरि, पप्पडम, अदरक का अचार और किचड़ी। इन्हें आम और नींबू के अचार के साथ परोसा जाता है। पायसम केरल का सबसे पसंदीदा मीठा व्यंजन है। इसे बाद में पीले केले, पषम के साथ परोसा जाता है। अनेक किस्म के पायसम होते हैं जैसे पाल पायसम, पालडा प्रधमन और कडलापरिप्पु प्रधमन। भोज के अंत में, रसम के साथ भात दुबारा परोसा जाता है।  केले के पत्ते को आधा मोड़कर भोजन को लपेटा जाता है। सध्या अनेक स्वादों वाला एक भोज है और यह आपकी रुचि को अनेक तरह से परिपूर्ण करता है।

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