केरल की एक झलक

 

पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में पश्चिमी घाट और आपस में जुड़ी 44 नदियों वाले केरल में ऐसी अनेक भौगोलिक विशेषताएँ हैं जिनके कारण यह एशिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बना है। शांत समुद्र तटों के साथ लंबी तटरेखा, हरे और खूबसूरत बैकवाटर, घने हिल स्टेशन और विलक्षण वन्य जीवन जैसे आश्चर्य आपको यहां ज़रूर आकर्षित कर लाएँगे। इतना ही नही, इनमें से हर खूबसूरत जगह, एक दूसरे से कुछ ही घंटों की दूरी पर है जो ऐसी खास बात है कि आपको कहीं और नहीं मिलेगी।

केरल ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि संस्कृति   अपने बीते समय को किस तरह सम्मान दे सकती है और आगे उन्नति और प्रगति भी कर सकती है। शत-प्रतिशत साक्षरता, विश्व स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली, भारत का न्यूनतम शिशु मृत्यु दर और सर्वाधिक जीवन आयु दर ऐसी उपलब्धियाँ हैं जिन पर यहाँ के लोगों को गर्व है।

भूगोल

भूगोल

केरल तीन भौगोलिक क्षेत्रों में बंटा हुआ है – उन्नत भूमि जो पश्चिमी घाटों से होकर लहरदार पहाड़ियों के भीतरी हिस्सों और घाटों से होकर अनेक सुंदर बैकवाटर, एक दूसरे से जुड़ी नहरों और नदियों की अटूट 580 कि.मीं. लंबी तटरेखा तक फैला है। जंगली भूमि घने जंगलों से आच्छादित है जबकि अन्य इलाके चाय और कॉफ़ी के बागानों या अन्य खेतों से भरपूर हैं। ज्यादातर राज्य हरा भरा है जिसके कारण यहां हमेशा शांत अनुभव मिलता है।


मौसम

मौसम

पूरे वर्ष खुशनुमा और समान जलवायु से संपन्न केरल उष्णकटिबंधीय भूमि है जहाँ आप चैन से आराम कर सकते हैं। यहाँ मानसून (जून-सितंबर और अक्तूबर-नवंबर) और गर्मियों का मौसम विशेष रूप से महसूस होता है जबकि शीत ऋतु में तापमान सामान्य स्तर यानी 28-32° सें. से कुछ ही कम होता है। यहाँ का आम तौर पर खुशनुमा जलवायु पर्यटकों को खुश कर देता है।


लोग और जीवन

लोग और जीवन

समाज कल्याण और जीवन स्तर के मामले में केरल भारत का सबसे उन्नत राज्यों में एक है। इस राज्य को भारत की सर्वाधिक साक्षरता दर, सबसे अधिक जीवन आयु और न्यूनतम शिशु मृत्यु दर की उपलब्धियाँ प्राप्त हैं। केरल की महिलाओं की साक्षरता दर पूरे एशिया में सर्वाधिक है। महानगरीय सोच रखने वाले यहाँ के लोगों को समाज के सभी स्तरों में सेवाएँ और अवसर दोनों प्राप्त हैं और शासन में उनकी बात पूरे ध्यान से सुनी जाती है।


इतिहास

इतिहास

केरल का इतिहास उसके व्यापार से नज़दीकी से जुड़ा है जो पिछले कुछ समय तक इसके मसालों के व्यापार तक सीमित था। भारत के मसाला तट के रूप में प्रसिद्ध प्राचीन केरल में पूरी दुनिया के यात्री और व्यापारी आते थे जिनमें ग्रीक, रोमन, अरबी, चीनी, पुर्तगाली, डट, फ्रांसीसी और ब्रिटिश शामिल है। इनमें से सभी विदेशियों ने किसी न किसी तरह यहाँ अपनी छाप छोड़ी है जिसके कारण दुनिया के साथ केरल का का व्यवहार करने का अपना अलग तरीका है जो केरल की तरह खूबसूरत है।


लोकेशन

केरल दक्षिण एशिया के देश भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित है।


जिले

Kerala Map

प्रमुख नगर

तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोच्चि, त्रिश्शूर, कोझिकोड ।


एयरपोर्ट

तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट कोचीन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (सीआईएएल), नेडुम्बाशेरी कालीकट अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, करिपुर ।


वीसा की आवश्यकता

वीसा की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें 


पुलिस हेल्पलाइन

हाइवे पर यात्रा करते समय + 91 98461 00100 रेल यात्रा करते समय + 91 98462 00100


यात्रियों और टूर आपरेटरों के लिए आचार संहिता

यात्रियों और टूर आपरेटरों के लिए दिशा-निर्देश ।


वेबसाइट के बारे में

यह वेबसाइट पर्यटन विभाग, केरल सरकार की अधिकारिक वेबसाइट है और भारत की सबसे लोकप्रिय यात्रा वेबसाइटों में एक है। इस साइट में केरल जिसे लोग प्यार से गॉड्स ओन कंट्री कहते हैं, के बारे में व्यापक जानकारी दी गई है। यह वेबसाइट जो 1998 से ऑनलाइन है, वर्तमान में 21 भाषाओं में उपलब्ध है जिनमें से 10 भारतीय भाषाएँ हैं। औसतन इस साइट को हर वर्ष लगभग 3 मिलियन लोग देखते हैं। इस साइट को आवश्यकता पड़ने पर अक्सर अद्यतन किया जाता है। इसमें केरल संबंधी बहुत बड़ा डेटाबेस है जिसमें 3000 वीडियो, हज़ारों तस्वीरें और सैकड़ों ऑडियो क्लिप हैं। यह वेबसाइट दोतरफा प्रक्रिया द्वारा दुनिया भर के यात्रियों को उपयोगी जानकारी का प्रचार करता है और इसके प्रयोक्ताओं के लिए नियमित मैत्रीपूर्ण ढंग से आधुनिक काल के यात्रियों की अलग-अलग रूचियों का भी ध्यान रखता है जैसे मैसेज बोर्ड, टूर प्लानर, ऑनलाइन स्पर्धाएँ, ऑनलाइन ऑडियो-वीज़्युअल गैलरी, वीडियो क्विज़र, लाइव वेबकास्ट, ई-बुक, ई-न्यूज़लेटर आदि। केरल पर्यटन की वेबसाइट ने अनेक पुरस्कार जीते हैं। इसने वर्ष 2000-2001, 2002-2003, 2005-2006, 2008-09, 2010-11, 2012-13, 2013-14 और 2014-15 के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी का सर्वाधिक नवोन्मेषी उपयोग तथा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन वेबसाइट पोर्टल के लिए भारत सरकार द्वारा संस्थापित उत्कृष्टता के प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते हैं। केरल पर्यटन की वेबसाइट ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संस्थापित वेब रत्न अवार्ड 2014 के उत्कृष्ट सामग्री वर्ग में गोल्डन आयकन अवार्ड और पर्यटन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ भारतीय वेबसाइट हेतु पीसी वर्ल्ड मैग्जीन का नेट 4 पीसी वर्ल्ड वेब अवार्ड 2008 भी जीता है। विभाग द्वारा की गई ऑनलाइन पहलों को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता वर्ष 2005, 2013, 2014 और 2016 के दौरान सर्वोत्तम ई-न्यूज़लेटर के लिए पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन (पीएटीए) के रूप में और 2010 में सर्वश्रेष्ठ वेबसाइट के रूप में मिली। भारत में, केरल पर्यटन पिछले एक दशक से अधिक समय से पर्यटन बोर्ड की वेबसाइटों में वेब ट्रैफिक में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। वेब ट्रैफिक के मामले में, यह साइट एशिया पैसिफिक और मिडिल ईस्ट में सर्वोच्च 10 पर्यटन वेबसाइटों में है।


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टॉल फ्री नं.: 1-800-425-4747 (केवल भारत में)

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