वयनाड

 

वयनाड पर्यटन संगठन (डबल्यूटीओ) वयनाड में ‘जिम्मेदार और सतत् पर्यटन’ की संस्कृति लाने में मुख्य भूमिका निभा रहा है, जिसने वयनाड के उत्तरी जिले की चार पगडंडियों की पहली पगडंडी आपको यहाँ मिलेगी।

इन चार पगडंडियों में, हम आपका परिचय पहली पगडंडी ‘आउटडोर ट्रेल’ से कराएंगे जिसमें आपको वयनाड जिले के निम्नलिखित स्थल मिलेंगे ।

चेम्ब्रा पीक

2100 मीटर की ऊंचाई पर चेम्ब्रा पीक वयनाड के दक्षिणी हिस्से में मेप्पाडी के समीप स्थित है। यह इस क्षेत्र की चोटियों में सबसे ऊंची चोटी है और इसकी चढ़ाई काफी मुश्किलों भरी है। चेम्ब्रा पीक की चढ़ाई एक रोमांचक अनुभव है, जहां चढ़ाई के हर चरण में वयनाड का व्यापक विस्तार दिखाई पड़ता है और शिखर तक पहुंचते-पहुंचते यहां के दृश्य काफी विस्तृत बन जाते हैं। इस चोटी तक पहुंचकर वापस लौटने में एक दिन का समय लगता है। जो इसके शीर्ष पर कैंप करना चाहते हैं, बेशक उनके लिए तो यह एक यादगार अनुभव ही होगा। कैंपिंग के लिए इच्छुक व्यक्ति वयनाड के कलपेट्टा में स्थित डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्रोमोशन काउंसिल से संपर्क कर सकते हैं।

नीलिमला

वयनाड के दक्षिणपूर्वी हिस्से में कलपेट्टा तथा सुल्तान बथेरी से आसानी से पहुंचे जाने वाली स्थिति में अवस्थित नीलिमला ट्रेकिंग के लिए एक उपयुक्त स्थान है, जहां ट्रेकिंग के लिए कई मार्ग उपलब्ध हैं। नीलिमला के शिखर पर से समीप की घाटी में मीनमुट्टी जलप्रपात का दृश्य बेहद यादगार हो उठता है।

मीनमुट्टी जलप्रपात

ऊटी और वयनाड को जोड़ने वाली मुख्य सड़क से 2 कि.मी. की ट्रैकिंग करते हुए नीलिमला के पास स्थित इस खूबसूरत मीनमुट्टी जलप्रपात तक पहुँचा जा सकता है। यह वयनाड जिले का सबसे बड़ा जलप्रपात है जहाँ तीन धाराएँ लगभग 300 मीटर से नीचे गिरती हैं।

चेतलयम

एक और जलप्रपात जो पर्यटकों को वयनाड की ओर आकर्षित करता है, चेतालयम जलप्रपात है जो वयनाड के उत्तरी इलाके के सुल्तान बतेरी के पास है। मीनमुट्टी जलप्रपात की तुलना में यह आकार में थोड़ा छोटा है। यह जलप्रपात और आसपास के इलाके ट्रैकिंग और पक्षी प्रेमियों के लिए बेहतरीन जगह है।

पक्षीपातालम

ब्रह्मगिरी की पहाडियों पर 1700 मी. की ऊंचाई पर घने वन में पक्षीपातालम स्थित है। इस क्षेत्र में बड़े-बड़े बोल्डर देखने को मिलते हैं, उनमें से कुछ तो सचमुच विशाल हैं। यहां मौजूद कई सारी गुफाएं विभिन्न प्रकार के पक्षियों, जंतुओं और वनस्पतियों की विशेष किस्मों के वासस्थान हैं। पक्षीपातालम मानंतवाडी के पास स्थित है और यहाँ जाने के लिए आपको तिरुनेल्ली से शुरु करते हुए, जंगल में लगभग 7 कि.मी. की ट्रैकिंग करते हुए जाना होगा। पक्षीपातालम जाने वालों को डीएफओ – उत्तरी वयनाड से अनुमति लनी होती है।

बाणासुरा सागर बांध

बाणासुरा सागर पर बना बांध भारत के सबसे बड़े बांध के रूप में जाना जाता है। यह बांध वयनाड जिले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और यह करलाड झील के समीप है। बाणासुरा सागर बांध में बाणासुरा पीक की चढ़ाई के लिए प्रारंभ स्थान भी स्थित है। यहां का एक रोचक आकर्षण है द्वीपों का समूह, जिसका निर्माण जलाशय द्वारा आस-पास के क्षेत्रों को जलमग्न करने के कारण होता है। एक ओर जहाँ आप वयनाड के मनोरम दृष्यों, ध्वनियों और खुशबू का मज़ा लेंगे, वहीं आप वयनाड के कुछ दुर्लभ चीज़ें भी खरीदना चाहेंगे जैसे यहाँ के मसाले, कॉफ़ी, चाय, बांस की वस्तुएँ, शहद और जड़ी-बूटी के पौधे।

वयनाड में ‘आउटडोर ट्रेल’ के बारे में अधिक जानकारी के लिए, वयनाड पर्यटन संगठन से संपर्क करें।

संपर्क के विवरण

महासचिव वयनाड पर्यटन संगठन वासुदेवा एडम, पोझुताना पी.ओ. वयनाड, केरल, भारत पिन - 673575 टेलीफ़ोन +91-4936-255308, Fax.+91-4936-227341 ई-मेल mail@wayanad.org

कैसे पहुँचे

नज़दीकी रेल्वे स्टेशन – कोझिकोड (कालीकट) रेल्वे स्टेशन 62 कि.मी. दूरी पर है नज़दीकी एयरपोर्ट – कोझिकोड (कालीकट) अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लगभग 65 कि.मी. दूरी पर है

लोकेशन

अक्षांश : 11.75847, देशांतर : 76.093826

नक्शे

District Tourism Promotion Councils KTDC Thenmala Ecotourism Promotion Society BRDC Sargaalaya SIHMK Responsible Tourism Mission KITTS Adventure Tourism Muziris Heritage

टॉल फ्री नंबर: 1-800-425-4747 (केवल भारत में)

डिपार्टमेंट ऑफ़ टूरिज्म, गवर्नमेंट ऑफ़ केरल, पार्क व्यू, तिरुवनंतपुरम, केरल, भारत - 695 033
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