वक्कम गोल्डन आइलैंड, तिरुवनंतपुरम जिले में मौजूद एक सुंदर कयाकिंग गंतव्य है जहाँ केरल के बैकवॉटर के साथ-साथ पतली और शांत नहरों का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यहाँ पानी का बहाव थोड़ा धीमा होने के कारण यह उन पैडलरों के लिए अनुकूल है जो तेज़ गति से कयाकिंग करने के बजाय आरामदायक तरीके से और मन लगाकर कयाकिंग करना चाहते हैं। यहाँ पानी धीरे-धीरे और लगातार बहता रहता है जिससे यहाँ शांति का एहसास होता है, जबकि खुले हिस्सों और पेड़-पौधों से ढंके नहरों के कारण यह सभी प्रकार के कौशल स्तर वाले कयाकिंग प्रेमियों के लिए एक आनंददायक एक्सप्ल्लोरेशन विकल्प साबित होता है।


वक्कम गोल्डन आइलैंड के आसपास का इलाका बेहद आनंददायक है। यहाँ जलमार्गों के किनारे नारियल के पेड़ देखने को मिलते हैं जिनकी परछाई, पानी की सतह पर पड़ती है जिससे यह काफी सुन्दर दिखता है, जबकि कभी-कभी मैंग्रोव के किनारों पर घनी हरियाली और जड़ों का जाल दिखाई देता है। स्थानीय गाँवों की खूबसूरती इसे और मनमोहक बना देती है जहाँ केरल के पारंपरिक जीवन की झलक दिखाई देती है। कयाकर को कयाकिंग करते समय यहाँ लकड़े के बने छोटे-छोटे घर दिखाई देते हैं जिनकी छतें ढलान वाली होती हैं जिन पर टाइलें लगी होती हैं| इसके अलावा उन्हें पानी के पास ही कपड़े धोने की जगहें और उन लोगों को भी देखने का मौका मिलता है जो अपने रोज़मर्रा के काम में व्यस्त होते हैं जिससे वहां के जीवन और माहौल को करीब से देखने और महसूस करने का मौका मिलता है। हरी-भरी प्रकृति, शांत पानी और ग्रामीण जीवन के इस मेल को देखकर आगंतुकों को ऐसा महसूस होता है मानो वे शहरी जीवन की भागदौड़ से बहुत दूर एक शांत दुनिया में आ गए हैं।


त्वरित जानकारी

स्थान और पहुँच

वक्कम गोल्डन आइलैंड, केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में स्थित है। यहाँ सड़क मार्ग से पास के गाँव के उन हिस्सों में पहुंचा जा सकता है जहाँ से कयाकिंग शुरू की जा सकती है जहाँ से कयाक में बैठकर जलमार्गों पर कयाकिंग की जा सकती है। यहाँ तक पहुँचने के रास्ते में धान के खेत, नारियल के पेड़ और छोटे-छोटे गाँव देखने को मिलते हैं। इससे कयाकिंग का मज़ा दोगुना हो जाता है और केरल ग्रामीण समुदायों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी के बारे में जानने का भी मौका मिल जाता है। यह स्थान, आसपास के बड़े टाउन से अच्छी तरह जुड़ी हुआ है जिससे आगंतुकों इस ट्रिप को आधे दिन में आसानी से पूरा कर सकते हैं या उन्हें इसकी प्लानिंग करने में काफी मदद मिलती है। कयाक और बुनियादी सुरक्षा उपकरण आम तौर पर स्थानीय संचालकों या ग्रामीण पर्यटन कार्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त हो जाते हैं ताकि सभी पैडलरों को एक आसान और सुरक्षित कयाकिंग अनुभव प्राप्त हो सके।

दूरी

वर्कला टाउन: 6 किमी

तिरुवनंतपुरम शहर: 35 किमी

तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: 38 किमी

कार्य के घंटे

इस गतिविधि का अनुभव करने का सबसे अच्छा समय सुबह का समय है।

कुल अवधि

यह अनुभव आम तौर पर 1 से 2 घंटे तक होती है।

कठिनाई का स्तर

इस गतिविधि को मध्यम माना जाता है।

मौसम

अक्टूबर से मार्च तक का महीना सबसे अच्छा समय होता है।

अनुमानित लागत

इसका शुल्क आम तौर पर ₹500-₹1,500 प्रति व्यक्ति होता है।

प्रतिबंध

मार्ग और सुगमता पर ज्वार के स्तर और मौसमी पेड़-पौधे का असर पड़ सकता है।

फ़ोटोग्राफ़ी और मीडिया

इस तरह का माहौल, प्रकृति और रिफ्लेक्शन फोटोग्राफी के लिए बहुत बढ़िया होता है।

इसमें क्या-क्या शामिल है?

इस गतिविधि में बैकवॉटर चैनल, शांत पैडलिंग मार्ग और सुंदर ग्रामीण दृश्य शामिल हैं।